New Delhi, 30 अगस्त . कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने अमेरिकी कोर्ट के उस फैसले का समर्थन किया है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए अधिकांश टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया गया.
मसूद ने कहा कि एक समझदार नेता को देश का नेतृत्व करते समय लाभ-हानि का आकलन करना चाहिए.
से बातचीत में उन्होंने ट्रंप पर आरोप लगाया कि वह बिना सोचे-समझे नीतियां लागू कर रहे हैं. इससे अन्य देशों को कितना नुकसान होगा यह तो दूसरी बात है, लेकिन खुद अमेरिका की अर्थव्यवस्था को कितना नुकसान होगा, वे इसका आकलन नहीं कर रहे हैं.
कांग्रेस सांसद के अनुसार, ट्रंप की दादागिरी और वर्चस्व दिखाने की नीति से अमेरिका की वैश्विक स्थिति कमजोर होगी.
बिहार में चल रही वोटर अधिकार यात्रा में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के शामिल होने पर कहा कि राहुल गांधी ने एक नई क्रांति की शुरुआत कर दी है. यह क्रांति एक चिंगारी की तरह है, जो पूरे देश में फैल रही है और इससे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बौखला गई है.
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा इस क्रांति को रोकने के लिए नैरेटिव बदलने की कोशिश कर रही है, लेकिन वे इसमें सफल नहीं होंगे.
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता महुआ मोइत्रा के बयान पर कहा कि मैंने उनका बयान नहीं सुना है, लेकिन वह एक सभ्य महिला हैं और मुझे नहीं लगता कि महुआ ने ऐसा कोई बयान दिया होगा.
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) नेता आकाश आनंद पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि चाहे बसपा उन्हें नंबर-1 की पोजीशन दे दें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. अगर आकाश आनंद धारा के विपरीत चलते हैं, तो उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा, क्योंकि उनका आंदोलन दम तोड़ चुका है.
उन्होंने सुझाव दिया कि आकाश आनंद को मुख्यधारा में शामिल होना चाहिए. मसूद ने आगे कहा कि देश में दो प्रमुख विचारधाराएं हैं, एक अंबेडकरवादी विचारधारा, जिसका नेतृत्व राहुल गांधी कर रहे हैं और दूसरी सावरकरवादी विचारधारा, जिसका नेतृत्व भाजपा कर रही है.
उन्होंने आकाश आनंद को सलाह दी कि उन्हें यह तय करना होगा कि वे किस पक्ष का समर्थन करेंगे, क्योंकि बिना स्पष्ट रुख के रास्ता बनाना संभव नहीं है. मसूद ने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने इस बारे में कई बार बसपा प्रमुख मायावती से भी बात की थी.
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डीकेएम/एएस